मेरे देश के युवाओ पर आजकल सभी की नजरे टिकी है, युवा शक्ति का रचनात्मक प्रयोग होगा, देश के विकास में तो बहुत अच्छा है। लेकिन आज सत्ता उपभोग के लिए अगर इसका उपयोग किया गया तो आने वाला समय ही बताएगा की इस पीढ़ी का नुकसान कितना हुआ और शायद इसके नुकसान की भरपाई हो भी सकती है या की नहीं। 


देश में एक नए प्रधानमंत्री के लिए चुनाव प्रकिर्या जारी है, अब देखना ये है की विश्व में भारत देश का नेतृत्व किस व्यक्ति विशेष को जाता है। राजनीति, में हर एक पार्टी की अपनी विचारधारा है उस विचारधारा में समाज का व्यक्ति किस तरह से डूबता या तैरता है ये मात्र व्यक्ति पर ही निर्भर करता है।


ये अब आज के युवा को देखना है की देश की बागडोर किस वयक्ति के हाथ वो देना चाहते है ? अपना कीमती वोट देने से पहले ये सोच ले की प्रधानमंत्री के पद के लिए जो व्यक्ति है क्या वो पूरे विश्व में भारत जैसे देश का नेतृत्व करने में सक्षम है ? भारत की जनता के साथ उसका क्या योगदान रहा है और उसका सम्पूर्ण व्यक्तित्व। क्या वो अपने विचारो/व्यक्तवो पर स्थिर रहता है ? एक सामान्य जन का बिना किसी भेद भाव के, बिना किसी प्रभाव के, मात्र देश के हित में विचार करके अपने वोट का प्रयोग करना चाहिए।


वोट जरूर करे और उस व्यक्ति के लिए करे जो विश्व पटल पर देश का सक्षम नेतृत्व कर सके, जिसके विचार स्थायी हो और जिसके कार्यो से आपको वैज्ञानिक दर्ष्टिकोण दीखता हो। इक्कीसवी सदी में एक ऐसे प्रधानमंत्री की जरुरत है जिसके पास वैज्ञानिक दर्ष्टिकोण हो ।


जय हिन्द । जय भारत ।