कोई हमे जीने का बहाना तो दे
कोई हमारा हमसे चैन तो छीन ले
कोई तो ख़्वाबो में भी आये हमारे
कोई नींद हमारी भी तो हमसे छीन ले
मैं तो बहका बहका सा रहता हूँ
भीड़ में शहर की तेरे
कोई लोगो से दिल मिलाने का हूनर भी तो देदे