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Author: Dr Sushil Kumar

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जीवन में स्कूली शिक्षा का महत्व और प्रभाव 

 जीवन में स्कूली शिक्षा का महत्व और प्रभाव दीर्गगामी होता है। एक बच्चा पारिवारिक परिवेश से समाज में विलेयता की ओर स्वंयम और समाज के उत्थान की ओर एक कदम…

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समय की विवशता 

इस राह से गुजरती है बहुत सी बसे , कारे और दुसरे वहान कितना मुशकिल है छोटी सी दूरी तय कर पाना उसके लिए घंटो बीत जाते हैं इंतजार में…

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प्रथम नवरात्रि पूजन और मेरा बेसन का हलुआ 

सर्व प्रथम नवरात्रे पर्व पूजन की आपको बहुत- बहुत शुभकामनायेँ ! गृह स्वामिनी के व्रत अनुरोध को नकारते हुए विद्रोह का स्वर अति उन्मुख करते हुए हमने कह दिया की…

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वो एक शहर था, टूटना, बसना उसकी फितरत थी 

हम तो इश्क़ में पहले से ही पागल थे तू और दीवाना ना बना ये तेरी इनायत है या मोहब्बत मेरी मुझे अपनों से यूँ तो बेगाना, ना बना शाम हु शील, होते-…

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कोई लोगो से दिल मिलाने का हूनर भी तो देदे 

कोई हमे जीने का बहाना तो दे कोई हमारा हमसे चैन तो छीन ले कोई तो ख़्वाबो में भी आये हमारे कोई नींद हमारी भी तो हमसे छीन ले मैं तो बहका बहका…

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क्या बड़े नोटों का चलन बंद करना मोदी सरकार की नितियों का हिस्सा है? 

भारत सरकार ने आज दिनांक ८ नवम्बर २०१६, रात १२ बजे से, आधिकारिक रूप से ५०० रुपए और १००० रुपए का व्यापारिक रूप में चलन को निषेध कर दिया है ।…

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जाने कैसे हुआ YOU TUBERS को RELIANCE JIO Sim से लाखो (Subs) का फ़ायदा 

सितम्बर महीने से ही जब लोगो के पास जिओ सिम आ गये थे तो सबसे बड़ी उत्सुकता You Tube पर फ्री विडियो देखने की रही। ये एक ऐसा सोर्स था…

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मेरी मास्को यात्रा- २०१४ 

बड़े ही असमंजस और दुःख के साथ कम्प्यूटर विशेषज्ञ की दुकान से वापिस लौटा, निराशा की किरण ने दस्तक तो दी लेकिन स्वयं की आशावादी प्रकर्ति ने उसको अंदर आने…

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मेरी पसंद बेसन का हलुआ और महाशिवरात्रि पर्व 

सर्व प्रथम महाशिवरात्रि  पर्व की आपको बहुत- बहुत शुभकामनायेँ ! गृह स्वामिनी के अनुरोध को नकारते हुए विद्रोह का स्वर अति उन्मुख करते हुए हमने कह दिया की आज व्रत…

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भीख मांगने पर प्रयोग 

भारत जैसे देश की रचनात्मक प्रकृति ही है जहाँ देश में बच्चे शिक्षा और साधनो के अभाव में भीख मांगने पर  प्रयोग करते है। सामाजिक जीवन में कई बार इन दर्शयों…

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समर्पण 

समर्पण करना चाहता हूँ ,  तुमको  आँसू , वेदनाएँ  असहाए पीड़ा , भूख  ईर्ष्या-द्वेष  और रिश्तो में छिपायी हुई  नफरत, ठहाको के पीछे, खड़े , शोषण के विचार ।  मानसिक…

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संसार के सबसे बड़े जनतंत्र की संसद 

पिछले सालो से देश में संसद के अंदर, संसद के प्रतिनिधियों का व्यवहार, उनकी कार्य प्रणाली, स्पीकर महोदय के प्रति उनका रवैया और किसी भी मुददे पर उनका आपसी टकराव,…

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प्लेटफॉर्म 

यूँ तो अक्सर सफर में छोटे बड़े प्लेटफार्म निकलते जाते हैं लेकिन रुक जाती हैं आँखे ये नज़र क्षण भर के लिए टाट -पट्टियों से लिपटे समाज पर शरीर के…

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तेरा शहर ! 

कुछ तो चाँद पहले से ही अँधेरे में निकला था  कुछ चाँदनी ने घूँगट ओढ़ लिया  कुछ तो पैर फैलाने के लिए पहले ही जगह कम थी, तेरे शहर में  कुछ मयख़ाने…

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विरहा 

तुम बिन सावन सूना  सूना मेरे मन का कोना है  कोयल बोले , मनवा डोले  विरहा आग जलाती है  तुम रूठे, सपने टूटे  सावन भी कांटे चुभाता है  हरे -हरे…

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दहशत 

  अँधेरे रास्तो से    गुजरी जो एक परछायी  दरवाजे बंद हो गए  सहमा-सहमा सा आसमान सहमी -सहमी सी रात हो गयी        खौफ था आँखों में  …

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बचपन 

  बचपन , खुशियों से भरा    कुछ रोना , कुछ हँसना  कुछ खाना , कुछ खेलना  दिन में सोना, रात में सोना  माँ की ममता  उसका फटकारना  लोरी सुनाना …

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सौन्दर्यता 

सौंदर्य,  सौंदर्य से ही विलासिता  जीवन का एकाकीपन  और वैराग्यता  सौन्दर्यता प्रकर्ति की  स्त्री की सौन्दर्यता रेगिस्तान में तपती रेत की  पतझड़ में सूखे पत्तो की  काले बादलो में  दौड़ती बिजली की सौन्दर्यता…

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लक्ष्य 

बाधा हो पग- पग पर  ह्रदय में हो आशा  चेतन हो कितना भी आहत  विश्राम नहीं पथ पर  उज्जवल हो अभिलाषा  थक कर चूर हुए कभी  श्रम पथ पर  तो…

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प्रेरणा 

पग – पग हो बाधा   पर लक्ष्य देखना  आगे बढ़ जाना  गीता सार यहीं  प्रत्यक्ष समाना  आहत हो तो   फिर चल जाना  एकरूप देखना  आत्मविश्वास जगाना  ह्रदय में मात्र  एक भाव प्रेम रख …

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यौवन 

यौवन चंचल,  है मदभरा  भँवरे की गुंजन  फूलो की खशबू  दौड़ते -भागते हिरनों  सागर की उठती लहरो  सतरंगी इन्द्रधनुष  क्षितिज को छूने वाला  मनमोहक हरा- भरा  यौवन चंचल है यौवन उत्सुकता है …

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बूढ़ा पैड सो गया ! 

खड़ा हूँ,  सूखे पैड सा,  मेरी शाखाओ पर रहने वाले  सारी रात चिं -चिं और  उछल -कूद करने वाले  पक्षियों ने अब घोंसले  दूर कहीं बना लिए है  हवा के झोंके…

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पत्थर बनूँ कैसे ? 

मिट्टी हूँ मै अभी  पत्थर बनूँ  कैसे ? बिखर ना जाऊं  ज़र्रे-ज़र्रे में कहीं  इस ज़र्रे को  पत्थर बनाऊं कैसे ?  ख़ामोश है वो  क्योंकि भगवान है वो  किसी शिल्पकार के हाथो  तराशा…

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स्कूल का पी-ओन सी -ऑफ रोबोट सूरज 

स्कूल का पी-ओन  सी -ऑफ रोबोट सूरज  सवेरे ८ बजे आकर  खोल देता है दफ्तर  व्यवश्थित कर अपनी पैन्ट्री  पानी की बोतले, गिलास आदि  अध्यापक कक्ष में रख देता है सजाकर।…

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दामिनी 

दामिनी वेदना झकजोर गयी हो आत्म मंथन के लिए छोड़ गई हो कब तक देखें मरते हुए, नारी को गाँवो से लेकर शहर की सड़को तक खेत से लेकर ,दफ्तर…

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अहसास दो पल का 

सुखा सिमटा सा  उसका तन और मन मीलो दूर बैठा, जिससे बचपन, आँखों में, चमक लेकर होंठ बोले ……… अंकल , सेब ले लो …… रुका फिर बोला ……. अमरुद…

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स्कूल का पिओन रोबोट – सी ऑफ टू सूरज 

 (पिक साभार :http://www.mensxp.com/) सुबह का समय  सूरज, सवेरे सुबह ८ बजे आकर ही दफ्तर खोल देता है और सबसे पहले ताजा पानी भरने का काम करता है। अपनी पेन्ट्री को साफ़…

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यहाँ जख्मों को बाँटने का रिवाज़ चला है कुछ जख़्म हरे हो तो उन्हे बेच दिया करो 

यहाँ जख्मों को बाँटने का रिवाज़ चला है  कुछ जख़्म हरे हो तो उन्हे बेच दो  ये बेमौसमी जख्मे सामान बिक जाएगा  यूँ ही सोच- सोच कर वक़्त ज़ाया ना…

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हे ! शिशिर ऋतु तुम इतने निष्ठूर ना बनो 

शिशिर ऋतु तुम इतने निष्ठूर ना बनो  प्रेम समीर तो बहने दो  देखो अब प्रियतम भी ऊब गए हैं  धुप को आँगन में मेरे आने तो दो  चिड़ियाँ भी देखो…

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कोई परखने वाला नहीं मिला 

तुझसे मिलकर भी  बिछुड़ने की भूल करता रहा  हर शाम तन्हा तन्हा बात करता रहा  मै सीख तो लेता गलतियों से  तुझसे बढ़कर भी मगर मुझे  कोई परखने वाला नहीं मिला  सुशील…

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क्यों मुनासिब यूँ तेरा शहर लगा 

मेरी हसरते तेरे मुकाम की मोहताज नहीं  मै जीता हूँ की बस साँसो को  आने- जाने का ख्याल होता रहे   मुझे किसी के दिल की आवाज अक्सर  दस्तक तो देती है   क्यों यूँ मै हर…

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गुजरते लम्हे भी पूछने लगे है अब बीती हुई अँगड़ाईयो पे सवाल 

तेरे इश्क़ में बेख़बर  हूँ कि  कुछ दरवाज़े यूँ तलाश रहा हूँ  जो इस गली इस शहर में नहीं मगर  तेरी जुस्तजू में हर चीज़ जहाँ  मै दिल के आईने…

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श्री कृष्णा जन्माष्ठमी: एक व्रत सांसारिक कर्तव्य एवं धर्म निष्ठां के लिए 

(रिफरेन्स:yogeshvara.deviantart.com से साभार ) भारतीय परम्पराओ में कुछ खास अवसरों पर व्रत रहना एक सामाजिक और राष्ट्रिय प्रचलन रहा है । कुछ ऐसे ही अवसरों पर जब परिवार के सभी…

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क्यों ज्ञान का आकलन आज प्रतिशत में बदल गया ? 

अच्छा चरित्र और अच्छा स्वास्थ्य दोनों के साथ कक्षा ५ से कक्षा ६ में प्रवेश हो गया। प्राथमिक विधालय में कक्षा ५ तक प्रति-दिन सुबह प्रार्थना के बाद और छुट्टी…

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गाय का निबन्ध 

याद आता है की कक्षा ५  तक  हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही अध्यापक गाय के निबन्ध पर बहुत जोर दिया करते थे। गाय का निबन्ध वार्षिक परीक्षा में तो…

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मेरी मास्को यात्रा- २०१४ 

बड़े ही असमंजस और दुःख के साथ कम्प्यूटर विशेषज्ञ की दुकान से वापिस लौटा, निराशा की किरण ने दस्तक तो दी लेकिन स्वयं की आशावादी प्रकर्ति ने उसको अंदर आने…

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जीवन में स्कूली शिक्षा का महत्व और प्रभाव 

जीवन में स्कूली शिक्षा का महत्व और प्रभाव दीर्गगामी होता है। एक बच्चा पारिवारिक परिवेश से समाज में विलेयता की ओर स्वंयम और समाज के उतथान की ओर एक कदम…

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प्रसन्नता के लिए प्रयासरत । 

मैंने स्वयं को सुशील, साधारण और विकास के लिए प्रयत्नशील बने रहने का भरपूर प्रयास किया है। परमशक्ति परमात्मा में विश्वास रखते हुए अपने कार्यों की आहूति विज्ञान के हवन…

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मुझे भारतीय होने का गर्व है 

मेरा भारत महान । मुझे भारतीय होने का गर्व है ।  मुझे भारतीय कहने में जो आत्मविश्वास उत्पन्न होता है उतना ही इंडियन कहने में गुलामी का बोध होता है।…

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वोट जरूर करे और उस व्यक्ति के लिए करे जो विश्व पटल पर भारत देश का सक्षम नेतृत्व कर सके 

मेरे देश के युवाओ पर आजकल सभी की नजरे टिकी है, युवा शक्ति का रचनात्मक प्रयोग होगा, देश के विकास में तो बहुत अच्छा है। लेकिन आज सत्ता उपभोग के…

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मुमकिन है मेरे क़त्ल का हिस्सेदार होगा वो 

मुमकिन है मेरे क़त्ल का हिस्सेदार होगा वो पूछ ही लेंगे अबकी बार मेरी कब्र पे जब चिराग जलायेगा वो बड़े अरमानो से दिल में सजाया था उसको क्यों दर्द…

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दर्द पलकों पे 

झुका के गर्दन जो  हम  निकले गली से  वो समझे  बेसहारा, मायूस हो गए  उनको खबर क्या  हम दर्द पलकों पे उनका  कितना उठा ले गए  तरसते थे पहचान को…

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एतबार 

जिंदगी ने कल हमसे  सवाल कर ही लिया  कितने मुखोटे हैं तुम्हारे पास ? क्यों अपना  अस्तितत्व खो दिया ? हर इंसान से दिखावा  हर इंसान से अलग व्यवहार फिर…

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अंधेरो में चाँद -सितारो की रोशनी 

जीवन पथ है खुशियों से भरा  इस पथ पर तुम चलते जाना  फूलो सी मुस्कान मिलेगी  नदियों सी चंचलता मिलेगी  आ जाये बादल काले कभी  तो शबनम सी बूंदे भी…

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पहचान 

कौन ठहरा है  वक़्त के सैलाब के आगे  जब भी कोई  दौर गुजरा  मेरे जीवन को भी  एक खण्डर की  पहचान दे गया

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दर्द 

जिंदगी ने हमसे  कुछ यूँ  फांसला बना लिया  चेहरे पे हँसी दे दी  और आँखों से  उजाला छीन लिया  रोने को चाहे तो  रो दे मगर  आँसुओ ने भी  ना…

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गौरी का आँचल 

ढका बादलो ने  चाँद को ऐसे  प्रियतम की राह  देखती गौरी जैसे  माथे पर बिंदिया  ऐसे दमके  चाँद ऊपर तारा जैसे चमके  चांदनी रात में  बादल ऐसे गहराए  गौरी का…

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लक्ष्य 

बाधा हो ,  हो पग-पग पर, ह्रदय में हो आशा, चेतन हो कितना भी आहत , विश्राम नहीं पथ पर , विश्राम नहीं पथ पर, हो एक उज्जवल अभिलाषा । …

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दिखावा………क्या है तुम्हारे पास ??? 

पूछा है ये सवाल  बार-बार  मेरे मन ने मुझसे  समुद्र सी गहराई  उठती हुई लहरो की  चंचलता है  तुम्हारे पास ? सोन्दर्य, यौवन से पूर्ण , भव्य  नदियो के मिलन …

Students Life

Love O God! 

ऐ ख़ुदा !  टीस जख्मों की,  बर्दास्त करूँ तो मगर, दिल कि दीवारो पे,  तेरे नाम के सिवा, निशाँ कोई मंजूर नही ।  यूँ  अब दवा तो, जीने का एक…

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The Surrender 

समर्पण करना चाहता हूँ ,  तुमको  आँसू , वेदनाएँ  असहाए पीड़ा , भूख  ईर्ष्या-द्वेष  और रिश्तो में छिपायी हुई  नफरत, ठहाको के पीछे, खड़े , शोषण के विचार ।  मानसिक…

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Environment 

जंगल उजाड़े पशु-पक्षी मारे अब धरोहर -विरासत को मिटाना है । आधुनिकीकरण की राह में पर्यावरण उजड़ा अन्न उपजाऊ भूमि पर इमारतो का निर्माण सड़को के नाम पर लाखो-करोड़ों पैड…

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दिल सीने में , दफ़न करके, यूँ कुछ गुजरा हूँ मैं…………”buried my heart in chest,” I would have gone… 

जिंदगी ने यूँ तो मुझको , रोका है  हर मोड़ पर, दीवार बनके , “दिल सीने में , दफ़न करके,” यूँ कुछ गुजरा हूँ मैं, अक्सर तूफ़ान बनके ।  बने…

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ehsaas _Feelings 

इस कविता में एक लड़का आठ -नौ  साल  का , जो  थका , भूखा सा एक  पुरानी लम्बी सी शर्ट और फटी हुई पैंट पहेने हुए फल बेच रहा है…